युपीएस सोमपुर जहां विदाई में शिक्षक-शिक्षिकाएं बनाते है भोजन
बांसवाड़ा, 6 मार्च - राजकीय विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा जहां शिक्षण में नवाचार द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन करवाने के साथ ही स्वालंबी बनाने के लिए उदाहरण भी पेश किया जाता है। जिले के घाटोल ब्लाॅक की सोमपुर ग्राम पंचायत का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सोमपुर के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी विगत पांच वर्षों से आठवी कक्षा के विद्यार्थियों के विदाई समारोह में अनूठी परंपरा का निर्वहन करते है। यहां का स्टाफ प्रतिवर्ष विदाई के दिन विद्यालय के सभी बालक-बालिकाओं के लिए अपने हाथों से भोजन बनाता है।
संस्थाप्रधान अनिल गुप्ता ने बताया कि इस परंपरा की अगुवाई शिक्षक पुरुषार्थ कुमार द्वारा की गई। इसके साथ ही समस्त स्टाफ साथियों एकजूट होकर इसे मूर्त रूप देने में मेहनत की जाती है। विद्यालय में आँवला एकादशी 6 मार्च 2020, शुक्रवार को भी आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को इसी तर्ज़ पर विदाई दी गई। विद्यालय के सभी स्टाफ साथियों ने एकजूट होकर अपने हाथों से बालक-बालिकाओं के लिए भोजन खीर, पूड़ी व सब्जी तैयार की। जिसमें सभी शिक्षक नरेन्द्र सिंह, विमला जैन, इंद्रा गुप्ता, नारायणलाल, जयंतीलाल, लोकेश त्रिवेदी, दिनेश तेली, दीपाली रिटुआ व भंवर गर्ग ने मेहनत की।
बांसवाड़ा, 6 मार्च - राजकीय विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा जहां शिक्षण में नवाचार द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन करवाने के साथ ही स्वालंबी बनाने के लिए उदाहरण भी पेश किया जाता है। जिले के घाटोल ब्लाॅक की सोमपुर ग्राम पंचायत का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सोमपुर के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी विगत पांच वर्षों से आठवी कक्षा के विद्यार्थियों के विदाई समारोह में अनूठी परंपरा का निर्वहन करते है। यहां का स्टाफ प्रतिवर्ष विदाई के दिन विद्यालय के सभी बालक-बालिकाओं के लिए अपने हाथों से भोजन बनाता है।
संस्थाप्रधान अनिल गुप्ता ने बताया कि इस परंपरा की अगुवाई शिक्षक पुरुषार्थ कुमार द्वारा की गई। इसके साथ ही समस्त स्टाफ साथियों एकजूट होकर इसे मूर्त रूप देने में मेहनत की जाती है। विद्यालय में आँवला एकादशी 6 मार्च 2020, शुक्रवार को भी आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को इसी तर्ज़ पर विदाई दी गई। विद्यालय के सभी स्टाफ साथियों ने एकजूट होकर अपने हाथों से बालक-बालिकाओं के लिए भोजन खीर, पूड़ी व सब्जी तैयार की। जिसमें सभी शिक्षक नरेन्द्र सिंह, विमला जैन, इंद्रा गुप्ता, नारायणलाल, जयंतीलाल, लोकेश त्रिवेदी, दिनेश तेली, दीपाली रिटुआ व भंवर गर्ग ने मेहनत की।

